Commonwealth Games में तिरंगा लहराते ही साक्षी मलिक के आंखों से आए आंसू, खुद के पैसे से इवेंट में उतरी

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Commonwealth Games में तिरंगा लहराते ही साक्षी मलिक के आंखों से आए आंसू, खुद के पैसे से इवेंट में उतरी

कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ने भारत को गोल्ड मेडल दिलाते हुए न केवल देश का नाम रोशन किया बल्कि अपने सपने को भी पूरा किया. 29 वर्षीय इस कुश्ती खिलाड़ी पर पिछले 2 साल काफी भारी रहे हैं जब साक्षी मलिक को अपने से जूनियर खिलाड़ियों के हाथों हार का सामना करना पड़ा. कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में साक्षी मलिक (Sakshi Malik) का रिकॉर्ड बेहद ही शानदार है और यह उनका तीसरा मैडल है. इससे पहले उन्होंने 2018 के गोल्ड कोस्ट में ब्रॉन्ज और 2014 में ग्लासगो में सिल्वर मेडल जीता था. इस बार उन्हें गोल्ड जीतने पर विश्वास था.

Commonwealth से पहले लोगों ने कहा खेल छोड़ दो

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एक खिलाड़ी को अपने जीवन में सबसे ज्यादा लगाव और प्रेम अपने खेल के साथ होता है जहां लोगों ने साक्षी मलिक (Sakshi Malik) की खराब रिजल्ट के बाद उन्हें खेल छोड़ने के लिए भी कहा. इस वजह से उन्हें काफी दुख हुआ लेकिन उन्हें विश्वास था कि अगर वह अपनी ट्रेनिंग में अच्छा प्रदर्शन करती है तो उनके लिए यह बुरा दौर बहुत ही जल्द खत्म हो जाएगा. इस बार फरवरी में साक्षी टर्की में हुई इंटरनेशनल सीरीज में उतरी थी लेकिन वह क्वार्टर फाइनल में हार गई थी. वह अपने खर्चे पर एक इवेंट में शामिल हुई थी जहां किसी भी खिलाड़ी के लिए यह बेहद ही असंतोषजनक होगा कि वह अपने जूनियर खिलाड़ियों से हार रहा हो.

मानसिक तौर पर हो गई थी परेशान

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दरअसल साक्षी मलिक 9Sakshi Malik) के जीवन में भी एक ऐसा दौर आया था जब वह नकारात्मक बातों से पूरी तरह परेशान हो गई थी और वह मानसिक रूप से लगातार संघर्ष कर रही थी जिसके बाद उन्हें मनोवैज्ञानिक की सलाह लेनी पड़ी और इन छोटे-छोटे कदमों से उन्हें काफी फायदा मिला. पिछले 2 साल साक्षी के जीवन बेहद ही कठिन रहे जहां वह अपने दिमाग से नेगेटिव बातों को निकालना चाहती थी लेकिन ऐसा करने में सक्षम नहीं हो पा रही थी लेकिन मनोवैज्ञानिक की सहायता से धीरे-धीरे उन्होंने वह ऐसा करने में सफल हुई.

साक्षी मालिक के पास है यह उपलब्धि

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साल 2016 में रियो ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर उन्होंने अपना नाम इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज किया था जहां साक्षी मलिक (Sakshi Malik) ऐसा करने वाली पहली बार भारतीय महिला रेसलर बनी थी. उन्होंने एशियन चैंपियनशिप में एक सिल्वर और तीन ब्रोंज मेडल जीते हैं जहां अब कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद उनकी नजर आने वाले इंटरनेशनल इवेंट पर होगी. आपको बता दें कि साल 2024 में ओलंपिक भी होने हैं. ऐसे में उन्हें अपनी तैयारी जोरों शोरों से जारी रखनी होगी.

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