Commonwealth Games: ठेले पर सब्जी बेचने वाले ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, कच्चे मकान में बीता है बचपन

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Commonwealth Games: ठेले पर सब्जी बेचने वाले ने जीता ब्रॉन्ज मेडल, कच्चे मकान में बीता है बचपन

इस वक्त कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने अपने प्रदर्शन से न केवल अपने घर और परिवार बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है जहां इस मुकाबले में भारत की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले कुछ खिलाड़ियों ने भले ही गोल्ड नहीं जीता हो लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से पूरे देश का दिल जीत लिया. आज हम आपको एक ऐसे ही एथलीट की कहानी बताने जा रहे हैं जिन्होंने वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीता है लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था. इसके लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा.

बचपन से शुरू कर दी थी ट्रेनिंग

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कॉमनवेल्थ (Commonwealth Games) गेम्स में वेटलिफ्टिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले हम जिस एथलीट की बात कर रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि लवप्रीत सिंह है जिन्होंने 109 केजी वेट कैटेगरी में मेडल जीता है जहां इस वक्त उनकी सफलता से उनका पूरा परिवार काफी खुश है. आपको बता दें कि आठवीं कक्षा से ही उन्होंने वेटलिफ्टिंग की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी और स्कूलिंग के दौरान भी उन्होंने वेटलिफ्टिंग में कई मेडल जीते हैं और 12वीं के बाद वह नेवी के लिए सिलेक्ट हो गए. कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) के लिए उन्होंने बेहद ही खास तैयारी की थी और उनकी यह तैयारी रंग लाई.

सब्जियां बेचते थे Commonwealth Games विनर लवप्रीत

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कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में ब्रोंज मेडल जीतने वाले लवप्रीत सिंह का बचपन कच्चे घर में बीता है. उनके पिता आज भी दर्जी का काम करते हैं. उन्होंने खुद अपनी कहानी बताते हुए इस बात को बयां किया कि जब स्कूल से आते थे तो वह अपने दादा के साथ सब्जियां बेचने चले जाते थे. सबसे खास बात यह है कि लवप्रीत सिंह के लिए कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं है. इसके अलावा वह लोगों की शादियों में घोडि़यां भी लेकर जाता था जहां लवप्रीत के नेवी ज्वाइन करने के बाद उनके परिवार की स्थिति धीरे-धीरे ठीक होने लगी.

नेवी में अफसर है लवप्रीत

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इस बात से आज घर कोई अनजान है कि कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले लवप्रीत सिंह इंडियन नेवी में अफसर हैं. वेटलिफ्टिंग जूनियर नेशनल कैंप में शामिल होने के लिए उन्हें 7 साल तक कड़ी मेहनत करनी पड़ी थी जिसके बाद 2017 से लवप्रीत हेवी वेट केटेगरी में इंडियन नेशनल कैंप का मेंबर है और केवल कामनवेल्थ गेम (Commonwealth Games) ही नहीं बल्कि कई मुकाबलों में उन्हें गोल्ड और सिल्वर मेडल से नवाजा जा चुका है.

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