ICC को नहीं है परवाह, खिलाड़ी वर्कलोड का हवाला देकर ले रहे हैं सन्यास

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ICC को नहीं है परवाह, खिलाड़ी वर्कलोड का हवाला देकर ले रहे हैं सन्यास

बेन स्टोक्स ने जब क्रिकेट से सन्यास का ऐलान किया उसके बाद से ही आईसीसी (ICC) पर खूब सवाल उठाए जा रहे हैं. दरअसल कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो क्रिकेट मैचों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होने से तीनों फॉर्मेट में खेलने के लिए परेशान नजर आ रहे हैं. ऐसे में आईसीसी को इस बात की बिल्कुल भी चिंता नहीं है. साल 2023 से 2027 तक के लिए आईसीसी (ICC) ने जो शेड्यूल जारी किया है उसे देखकर हर खिलाड़ी के होश उड़ जाएंगे. यहां यह स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि आईसीसी को खिलाड़ियों की बिल्कुल भी चिंता नहीं है.

ICC को नहीं है खिलाड़ियों की परवाह

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आईसीसी (ICC) की तरफ से साल 2023 से 2027 तक के लिए जो शेड्यूल जारी किया गया है उसके अनुसार देखा जाए तो आने वाले 5 सालों में कुल 777 मैच खेले जाएंगे जो अभी मौजूदा 2018 से 2022 में 694 संख्या के साथ है जहां आने वाले समय में 13 मैचो की बढ़ोतरी हुई है. देखा जाए तो कहीं ना कहीं यह खिलाड़ियों को मानसिक तौर पर परेशान करने वाला फैसला है क्योंकि ज्यादा मैच खेलने की वजह से खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी इसका असर पड़ता है. इसके साक्षात उदाहरण बेन स्टोक से जिन्होंने हाल ही में ज्यादा वर्क लोड का हवाला देकर क्रिकेट से संन्यास लिया था.

नहीं सुनी जा रही कोई बात

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खिलाड़ियों के ऊपर दबाव कम करने को लेकर कई लोग इस पर लगातार चर्चा कर रहे हैं लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकल पाया. भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री और टीम इंडिया के पूर्व कप्तान विराट कोहली कई सालों तक वर्कलोड की शिकायत करने के बाद हार मान चुके हैं. इसके बावजूद भी आईसीसी (ICC) ने मैचों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है जबकि उसे आगामी प्रोग्राम में मैचों की संख्या कम करनी चाहिए ताकि खिलाड़ियों पर दबाव कम पडे़ क्योंकि जो खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में खेलते हैं उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी होगी.

बेन स्टोक्स के सन्यास ने किया सबको हैरान

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बेन स्टोक्स तीनों फॉर्मेट के खिलाड़ी थे जिन्होंने अंत में ज्यादा वर्क लोड के कारण सन्यास लेना सही समझा. उन्होंने खुद इस बात का जिक्र किया है कि अब तीनों प्रारूप खेलना मेरे यह संभव नहीं है क्योंकि जो शेड्यूल है वह खिलाड़ी को पूरी तरह थकाने वाला है. मेरा शरीर मुझे निराश कर रहा है. मुझे यही लगता है कि मैं एक और खिलाड़ी की जगह ले रहा हूं.

यह किसी और क्रिकेटर के लिए क्रिकेट में आगे बढ़ने और कुछ बेहतरीन यादें बनाने का समय है. देखा जाए तो वर्क लोड किया हवाला देते हुए जबसे बेन स्टोक ने संन्यास का ऐलान किया है तब से लगातार इस पर चर्चा हो रही है लेकिन आईसीसी (ICC) ने इस पर कोई विचार नहीं किया.

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