‘चाहे हारते जाएंगे लेकिन हम नहीं सुधरेंगे’, IND vs NZ के तीसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों की वीरता की दास्तान पढ़िए…

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'चाहे हारते जाएंगे लेकिन हम नहीं सुधरेंगे', IND vs NZ के तीसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों की वीरता की दास्तान पढ़िए...

IND vs NZ 3rd ODI: न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत (IND vs NZ) 47.3 ओवरों में 219 पर ऑल आउट। विश्व की सर्वश्रेष्ठ बैटिंग लाइनअप माने जाने वाली टीम इंडिया पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी। जवाब में न्यूजीलैंड ने 18 ओवरों में सिर्फ 1 विकेट गंवाकर 104 रन बना लिए थे और वह डकवर्थ लुइस नियम के तहत भारत से 50 रन आगे चल रहा था। पर नियम ये है कि किसी भी वनडे मैच का फैसला DRS के तहत तभी आ सकता है, जब दोनों ही टीमों ने कम से कम 20-20 ओवर खेल लिए हों।

चूंकि न्यूजीलैंड ने केवल 18 ओवर खेले थे, इसलिए तीसरा वनडे रद्द हो गया। सीरीज का पहला एकदिवसीय मैच जीतने वाले न्यूजीलैंड ने 1-0 से सीरीज अपने नाम कर लिया। इस पोस्ट में आगे जानिए कि कैसे भारतीय बल्लेबाजों ने कीवी गेंदबाजी के सामने तीसरे वनडे में घुटने टेक दिए।

IND vs NZ के तीसरे वनडे में भारतीय निकले मुंगेरीलाल के हसीन सपने

लगातार आलोचना के बावजूद ऋषभ पंत को मौका देना और बतौर ऑलराउंडर दीपक हुड्डा को संजू सैमसन की जगह टीम इंडिया में शामिल करना भारी पड़ा। बाकी कमी भारत की लापरवाह बल्लेबाजी ने पूरी कर दी। वो कहते हैं ना कि चाहे आईसीसी टूर्नामेंट्स हारते जाएंगे लेकिन हम नहीं सुधरेंगे। बीसीसीआई और चयनकर्ता फिलहाल हर हाल में टीम इंडिया की भद्द पिटवाने में लगे हुए हैं। भरोसा नहीं हो रहा तो न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे (IND vs NZ) में भारतीय बल्लेबाजों की वीरता की दास्तान पढ़िए।

एक तरफ विश्व कप की हार के बाद कहा गया कि, अब भारत अपने खेल में बड़ा बदलाव लाएगा। पावरप्ले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की रणनीति अपनाएगा। स्कोरबोर्ड पर बड़ा टारगेट लगाएगा। सब के सब निकले मुंगेरीलाल के हसीन सपने…! न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत को नवें ओवर में पहला झटका तब लगा, जब स्कोरबोर्ड पर रन लगे थे केवल 39…! ओवर की चौथी गेंद एडम मिल्ने ने शुभमन गिल के पैड्स पर डाली, हालांकि थोड़ी सी गति कम दी। गिल फ्लिक शॉट खेलने में ओवर बैलेंस हो गए और मिचेल सैंटनर के हाथों स्क्वायर लेग में आसान सा कैच।

पैड्स की डिलीवरी अक्सर सीमा रेखा के बाहर जाती है लेकिन गिल के मामले में ऐसा नहीं हो सका। कुछ लोगों उन्हें वनडे वर्ल्ड कप में बतौर ओपनर टीम का हिस्सा बनाना चाह रहे थे।

शिखर धवन ने किया निराश

खैर, अब बारी थी शिखर धवन की। गब्बर पहली ही गेंद से तेज गेंदबाजों के खिलाफ लगातार पैरों का इस्तेमाल कर रहे थे। उनको लग रहा था कि क्रीज से आगे पीछे होकर वह गेंदबाज को खराब लेंथ पर बॉलिंग करने के लिए मजबूर कर देंगे। एडम मिल्ने ने धैर्य नहीं खोया और स्टंप टू स्टंप गेंद डालते रहे। 13वें ओवर की अंतिम गेंद बल्ले का अंदरूनी किनारा लेते हुए पैड से टकराई और विकेट पर चली गई। इसी के साथ 45 गेंदों पर 28 रनों की शिखर की संघर्षपूर्ण पारी का अंत हो गया। इतना ज्यादा क्रीज के अंदर बाहर करेंगे तो परमानेंट बाहर जाने का रास्ता मिल ही जाएगा।

न्यूजीलैंड के खिलाफ ऋषभ पंत की सबसे घटिया पारी

अब बात करते हैं सदी के सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत की… जिन्हें चौथे नंबर पर टीम मैनेजमेंट ने बल्लेबाजी करने का मौका दिया। 21वें ओवर में डेरिल मिचेल सामने थे और उन्होंने पहली 2 गेंदें डॉट बॉल कर दीं। जिस तरह सिंघम मूवी में जयकांत शिकरे का ईगो हर्ट हो जाता था, कुछ वैसा ही ऋषभ के साथ भी हो गया। तीसरी गेंद विकेट टू विकेट शॉर्ट पिच…! पंत ने आव देखा ना ताव और पुल शॉट मारने का निश्चय कर लिया।

ऐसा करने के लिए उन्हें गेंद के बाउंस की टॉप पर आना था लेकिन वह चूक गए। फिर डीप स्क्वायर लेग के फील्डर के हाथ में कैच थमा कर ऋषभ खुशी-खुशी पवेलियन की ओर चल पड़े। भारत 85 के स्कोर पर तीसरा विकेट गंवा चुका था। तुम मुझे मौके दिए जाओ, मैं बगैर उफ तक किए उन्हें पूरी शिद्दत से बर्बाद करता जाऊंगा।

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भारत को नही मिल सकता है दूसरा विराट

मिल्ने की 25वें ओवर की पहली गेंद पर सूर्या सॉफ्ट डिस्मिसल का शिकार हुए। गुड लेंथ बॉल अराउंड ऑफ और फर्स्ट स्लिप में टिम साउदी का खूबसूरत कैच…! सूर्या 6 रन ही बना सके। उनके जाने के बाद श्रेयस अय्यर 49 रन बनाकर खेल रहे थे और ऐसे में श्रेयस की तारीफ की जानी चाहिए। पर अब जो हम बताने जा रहे हैं, वह बताने को काफी है कि भारत में विराट कोहली की तरह कोई और दूसरा बल्लेबाज कभी क्यों नहीं आ सका।

पिछले ही ओवर में भारत ने सूर्या को खोया था और अब आ गई लॉकी फर्ग्यूसन के 26वें ओवर की तीसरी गेंद। क्रॉस सीम फुल डिलीवरी को श्रेयस ऑफ साइड की दिशा में लॉफ्ट करना चाहते थे। क्रॉस सीम गेंदों पर अक्सर बाउंस बल्लेबाज जज नहीं कर पाता और नतीजा हुआ स्वीपर कवर में कॉन्वे का रनिंग कैच। 121 के स्कोर पर टीम इंडिया को पांचवां झटका लग चुका था। इस शॉट की उस वक्त कोई जरूरत नहीं थी लेकिन हम तो खेलेंगे। जिम्मेदारी तो सिर्फ विराट कोहली उठाएगा।

दीपक हुड्डा भी नहीं दिखा पाए कमाल

अब बात उस दीपक हुड्डा की, जिसको भारत T-20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलाता लेकिन हर बायलेटरल सीरीज में बतौर ऑलराउंडर मौका देता है। इसके लिए संजू सैमसन तक को टीम से बाहर का रास्ता दिखा देता है। डाउन द लेग शॉर्ट बॉल पर बल्ला लगाकर दीपक वापस पवेलियन की ओर चलते बने। किसी ने अपील नहीं की लेकिन विलियमसन के रिव्यु पर अल्ट्राएज से पता चला कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था। इसी के साथ 25 गेंदों पर हुड्डा के 12 रनों की पारी समाप्त हो गई। दीपक चाहर को कुछ लोग हार्दिक पंड्या के रिप्लेसमेंट ऑलराउंडर के तौर पर पेश करते हैं। अब जरा उनकी तूफानी पारी पर नजरे इनायत कीजिए।

स्लॉग हिटिंग करके 2 छक्के मारना और तीसरा छक्का मारने की कोशिश में मिचेल की शॉर्ट ऑफ लेंथ डिलीवरी पर डीप मिडविकेट में कैच थमा देना। जिस वक्त भारत को 170 के स्कोर पर सातवां झटका लगा, उस वक्त 37वां ओवर प्रगति पर था। टॉप ऑर्डर बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद दीपक चाहर के पास बड़ी पारी खेलने का भरपूर अवसर था लेकिन उन्होंने इसे दोनों हाथों से गंवा दिया। वह 9 गेंदों पर 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

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हार्दिक जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता बॉलिंग ऑलराउंडर

इससे कम से कम इतना तो साफ हो गया कि फिलहाल हार्दिक की तरह कोई दूसरा फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर दूर-दूर तक टीम इंडिया में नहीं है। एक तरफ वाशिंगटन सुंदर चट्टान की तरह डट गए लेकिन दूसरे छोर से विकेटों का पतझड़ जारी रहा। युजवेंद्र चहल ने 21 गेंदों तक संयम बनाए रखा और सुंदर को स्ट्राइक देते रहे। पर मिचेल सैंटनर के 45वें ओवर की तीसरी गेंद पर जबरदस्ती का स्लॉग स्वीप खेलने का प्रयास…! बल्ले का टॉप एज और विकेटकीपर के पीछे फर्स्ट स्लिप के फील्डर ने आसान सा कैच लपक लिया।

साउदी के 46वें ओवर की अंतिम गेंद लेंथ बॉल थी और अर्शदीप ने कलाइयों के सहारे मिडविकेट बाउंड्री पार छक्का जड़ दिया। फिर वही गलतफहमी…! सुंदर को स्ट्राइक क्यों दें, जब हम खुद क्रिस गेल हैं। मिचेल के 47वें ओवर की दूसरी गेंद पर अर्शदीप LBW होकर वापस पवेलियन की तरफ चल दिए।

वाशिंगटन सुंदर की पारी ने पार किया न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 का आंकड़ा

213 के स्कोर पर भारत को नवां झटका लगने के बावजूद वाशिंगटन सुंदर ने 48वें ओवर की पहली गेंद पर साउदी को छक्का जड़कर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे अर्धशतक पूरा किया लेकिन तीसरी गेंद पर पवेलियन लौट गए। इस तरह भारत 219 पर ऑल आउट हो गया। हालात इतने खराब थे कि अगर वाशिंगटन सुंदर 51 रन नहीं बनाते तो हम 200 के पार भी नहीं जा पाते।

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