Sanju Samson: किसी खिलाड़ी को इतना नजरअंदाज करो कि उसकी हर उम्मीद टूट जाए

Sanju Samson

Sanju Samson: किसी खिलाड़ी को इतना नजरअंदाज करो कि उसकी हर उम्मीद टूट जाए

Sanju Samson: किसी खिलाड़ी को इतना नजरअंदाज करो कि उसकी हर उम्मीद टूट जाए। आखिर में हिंदुस्तान के लिए खेलने का सपना पीछे छूट जाए। यह तस्वीर न्यूजीलैंड के खिलाफ दुसरे वनडे मुकाबले के दौरान ली गई है। जो उदास चेहरा एक्स्ट्रा खिलाड़ी की जर्सी में नजर आ रहा है, वह फिलहाल भारत का सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) है। वही संजू जिसे पहले T-20 वर्ल्ड कप की टीम में नहीं चुना गया और अब न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज में चुनकर भी मौका नहीं दिया गया।

वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में प्लेइंग 11 में शामिल किया गया, जिसमें संजू सैमसन (Sanju Samson) ने बेहतरीन प्रदर्शन दिखाए. जिसके बाद उन्हें दुसरे मुकाबले में बहार बैठा दिया गया. जब हम लोगों को बाहर से इतना बुरा लग रहा है, तो सोचिए संजू पर क्या बीत रही होगी।

बीसीसीआई का दावा निकला फर्जी

2015 वनडे वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के हाथों शिकस्त मिलने के बाद अगली ही सीरीज से इंग्लैंड ने खुद को पूरी तरह बदल दिया था। परिणाम रहा कि पहले 2019 वनडे वर्ल्ड कप और अब 2022 T-20 वर्ल्ड कप…! भारत को लेकर भी बीसीसीआई सूत्रों की तरफ से कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा था। पर सब फर्जी निकला। अब तो ऐसा लगने लगा है कि संजू सैमसन (Sanju Samson) के खिलाफ कोई निजी खुन्नस निकाली जा रही है। ऋषभ पंत चाहे कैसा भी प्रदर्शन करें, उन्हें टीम में लिया जाएगा लेकिन संजू को किसी भी सूरत में मौका नहीं दिया जाएगा।

घरेलू और इंटरनेशनल मुकाबलों में संजू ने दिखाया है अपना दम

कई दफा महसूस होता है कि संजू सैमसन (Sanju Samson) का इंटरनेशनल करियर खत्म करने की साजिश की जा रही है। जब तमाम सीनियर खिलाड़ी लौटेंगे तो फिर प्लेइंग इलेवन में मारामारी होगी। उस वक्त न्यूजीलैंड सीरीज में युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखा जाएगा। अभी जब संजू को मैदान पर उतरने का मौका ही नहीं दिया जाएगा तो वह भला टीम के लिए रन कैसे बनाएगा।

बतौर सलामी बल्लेबाज से लेकर टॉप ऑर्डर और मिडिल ऑर्डर तक में संजू सैमसन (Sanju Samson) ने अपनी उपयोगिता दिखाई है। घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों की बौछार की है। पर ऐसा यकीन दिलाया जा रहा है कि दूसरे दर्जे की भारतीय टीम में भी उसके लिए कोई जगह नहीं है। आप लोग ही सोच कर बताइए कि यह कितना सही है?

यह भी पढ़ें- Sanju Samson के लिए फैंस ने लिया स्टैंड, टीम में जगह नहीं मिलने पर BCCI पर भड़के

क्या आईपीएल का प्रदर्शन इंटरनेशनल में जगह दिला सकता है?

चाहे एशिया कप हो या विश्वकप, संजू सैमसन (Sanju Samson) की जगह ऋषभ पंत खेलेंगे। यह बात भारतीय क्रिकेट टीम में पत्थर की लकीर हो गई है। इनके खिलाफ ना कोई कुछ बोलता है और ना ही कुछ सुनना चाहता है। हां, इतना जरूर कहा जाता है कि ऋषभ पंत आईपीएल में अच्छी बल्लेबाजी करते हैं। बात एक हद तक सही भी है।

पंत ने आईपीएल में अब तक 98 मुकाबले खेले हैं और 147 की स्ट्राइक रेट से 2838 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 34 का रहा है। तो क्या आईपीएल में बढ़िया प्रदर्शन इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह दिलाने के लिए काफी है? जगह मिलने के बाद अगर खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम के अनुरूप प्रदर्शन ना कर पा रहा हो तो भी उसे टीम में बरकरार रखा जाना चाहिए?

टी20 वर्ल्ड कप में ऋषभ की वजह से Sanju Samson हुए इग्नोर

मामला समझ में नहीं आया होगा। आज ढंग से समझाते हैं। भारत न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरा T-20 बारिश के कारण टाई होने के बाद सीरीज 1-0 से जीत चुका है। एक और पेटीएम बायलेटरल सीरीज जीतने के लिए समूचे हिंदुस्तान को झोली भर कर शुभकामनाएं…! द्विपक्षीय सीरीज में मजाल है जो कोई हमको हरा दे?

यह भी पढ़ें- न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे ज्यादा शतक लगा चुके हैं Virendra Sehwag, लिस्ट में कई भारतीय शामिल

इस जश्न के माहौल के बीच भी थोड़ा सा गम है। मामला यह कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया था और दूसरे मुकाबले में ऋषभ ने 11 गेंदों पर 6 रनों की जोरदार पारी खेली। हालांकि सूर्या के बल्ले के शतकीय तूफान के शोर में उनकी नाकामी दब गई। तीसरे T-20 में भारत 160 चेज कर रहा था और ऋषभ 5 गेंदों पर 11 रन बनाकर चलते बने। इसे कहते हैं गैर जिम्मेदारी की पराकाष्ठा…! उनकी वजह से वर्ल्ड कप के बाद इस सीरीज में भी संजू सैमसन (Sanju Samson) को मौका नहीं दिया गया।

जिसके बाद वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में संजू सैमसन (Sanju Samson) को प्लेइंग 11 में जगह दी गई। उस मुकाबले में ऋषभ पंत भी टीम का हिस्सा रहे और उन्होंने 23 गेंदों में 15 रनों की पारी खेली और हमेशा की तरह उस दिन भी निराशाजनक प्रदर्शन कर आउट हो गए। जबकी बार-बार नजरअंदाज किए जा रहे संजू सैमसन (Sanju Samson) ने 6वे नंबर विकेट के लिए 38 गेंदों में 36 रनों की बेहतरीन पारी खेली।

भारत के लिए 66 टी-20 मुकाबलों में ऋषभ के केवल 3 अर्धशतक

हालांकि वर्ल्ड कप में और इस द्विपक्षीय सीरीज में आसमान जमीन का फर्क है। वर्ल्ड कप में तो संजू सैमसन (Sanju Samson) को 15 खिलाड़ियों में ही नहीं चुना गया था लेकिन इस बार उनको टॉप 15 में लेकर बेंच पर बिठा दिया गया। वर्ल्ड कप के समय कहा गया कि दिनेश कार्तिक बेहतर ऑप्शन हैं लेकिन इस बार तो वह बहाना भी नहीं था। संजू सैमसन (Sanju Samson) जिस तरह एक्स्ट्रा खिलाड़ी की लाल जर्सी पहनकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए, उनकी उदास आंखें देखकर करोड़ों क्रिकेट फैंस की आंखें भी नम हो गईं।

ऋषभ पंत ने भारत के लिए 66 टी-20 मुकाबले खेले हैं और केवल 3 अर्धशतक लगाए हैं। यह भी तब जब 38 दफा उन्हें टॉप 4 में बल्लेबाजी करने का मौका दिया गया है। सोचिए कि अगर ये अवसर संजू को मिलते तो क्या आज हालात अलग नहीं होते? टीम मैनेजमेंट को लगा विराट और सूर्या के रहते मिडिल ऑर्डर में जगह नहीं बन रही तो खराब फॉर्म से जूझ रहे राहुल की बजाय पंत को बतौर ओपनर आजमा कर देखते हैं।

यह भी पढ़ें- दूसरे वनडे मैच से बाहर होकर भी Sanju Samson ने किया ऐसा कमाल, जीता करोड़ों फैंस का दिल

5 टी20 मैचों में ऋषभ के नाम मात्र 71 रन- शर्मनाक

ऋषभ ने अब तक 5 टी-20 मुकाबलों में भारत के लिए ओपनिंग की है और 14 की बेहद खराब औसत से केवल 71 रन बनाए हैं। 6 दफा उन्होंने विराट वाली पोजीशन यानी नंबर तीन पर बल्लेबाजी की है। वहां पर भारत के लिए ऋषभ ने इन मुकाबलों में 29 की औसत से सिर्फ 117 रन जड़े हैं।

ऋषभ को बीच में फिनिशर बनाने की कोशिश भी हुई थी लेकिन नंबर 6 पर खेलते हुए 3 मुकाबलों में 14 की औसत से वह केवल 28 रन बना सके। तो अब क्या? अगर कोई खिलाड़ी T-20 इंटरनेशनल में बतौर ओपनर, बतौर मिडल ऑर्डर बैट्समैन और बतौर फिनिशर सुपर फ्लॉप रहा हो तो उसे कितनी दफा आजमाया जाना चाहिए…! वैसे लग तो यही रहा है कि इंडियन टीम मैनेजमेंट का वश चले तो पंत को मौका देने की खातिर 2-4 वर्ल्ड कप और कुर्बान कर दें।

टी20 में विदेशी धरती पर पंत का ये रिकॉर्ड कर देगा शर्मसार

जहां पर हाल ही में भारत का T-20 वर्ल्ड कप जीतने का ख्वाब टूटा, उस ऑस्ट्रेलिया में T-20 इंटरनेशनल में ऋषभ का बल्लेबाजी औसत 7.25 का है। जिस इंग्लैंड ने सेमीफाइनल में भारत को 10 विकेट से धोया, उसकी सरजमीं पर ऋषभ T-20 इंटरनेशनल में 13.50 की औसत से बल्लेबाजी करते हैं। हद तो यह कि श्रीलंका में भी ऋषभ T-20 में केवल 15 की एवरेज से और भारत में 20 की औसत से रन बनाते हैं।

T-20 इंटरनेशनल में न्यूजीलैंड में 22 और यूएई में ऋषभ का औसत 32 है। अमेरिका में भी ऋषभ ने भारत की तरफ से टी-20 मुकाबले खेले, जहां उनका एवरेज 16 रहा। इतना लचर प्रदर्शन करने के बावजूद ऋषभ को T-20 इंटरनेशनल में लगातार मौके देना भार।

यह भी पढ़ें- Suryakumar Yadav जैसा दुनिया में कोई नहीं, 360° कहलाने वाले सूर्या अब 720° में लगा रहे शॉर्ट

Writing Credit- Lekhanbaji