Birthday Special: MS Dhoni बनना चाहते थे फुटबॉलर, क्रिकेट ने बदल दी जिंदगी

MS Dhoni

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) आज वो नाम है जो हर कोई बेहद ही सम्मान सामान के साथ लेता है क्योकि महेंद्र सिंह धोनी ने भारतीय क्रिकेट में अपनी अमिट छाप छोड़ी है जिसके बाद ना तो कोई महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) होगा और ना कभी कोई उनकी जगह ले पाएगा. आज भारत के हर कोने में महेंद्र सिंह धोनी के जन्म दिवस के अवसर पर लोग जश्न मना रहे हैं और सोशल मीडिया पर उन्हें खूब बधाई मिल रही हैं.

फुटबॉलर बनना चाहते थे धोनी

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यह बात शायद ही किसी को पता होगी कि महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) एक क्रिकेटर नहीं बल्कि फुटबॉलर बनना चाहते थे. यही वजह है कि वह अपनी स्कूल टीम मे गोलकीपर थे. इसके साथ ही धोनी बैडमिंटन भी खेला करते थे लेकिन क्रिकेट में महेंद्र सिंह धोनी को ज्यादा रुचि नहीं थी पर किसे पता था कि यह क्रिकेट ही महेंद्र सिंह धोनी की किस्मत बदल कर रख देगा और पूरी दुनिया में इसी खेल की वजह से उन्हें जाना जाएगा.

बड़े शॉट खेलने का था शौक
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महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) आज अपना 41 वा जन्मदिन मना रहे हैं जहां पूरे देश में धोनी के जन्मदिन को किसी महोत्सव की तरह मनाया जाता है. आपको बता दें कि 23 दिसंबर 2004 को बांग्लादेश के खिलाफ महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने अपना डेब्यू मैच खेला था और इस मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाए थे लेकिन अगले कुछ मुकाबलों में उन्होंने अपने बल्ले से शतक बनाकर ऐसा कारनामा किया कि पूरी दुनिया देखती रह गई.

शुरू से ही महेंद्र सिंह धोनी के इस शानदार प्रदर्शन का फायदा टीम इंडिया को मिलता गया जिस वजह से वह धीरे-धीरे हर फॉर्मेट में अपनी जगह पक्की करते गए और फिर साल 2007 में अपने नेतृत्व में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) ने आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर पूरी दुनिया में एक नया इतिहास कायम किया.

गाड़ियों के शौकीन हैं धोनी

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महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) से जुड़ी एक खास बात आपको बता दें कि उन्हें बाइक रेसिंग का बहुत शौक है. यही वजह है कि उनके पास बाइक का काफी ज्यादा कलेक्शन है. आप यह जानकर चौक जाएंगे कि महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के पास दो दर्जन से ज्यादा सुपर बाइक है और उनके पास कारों का भी खूब अच्छा कलेक्शन है. उन्होंने मोटर रेसिंग में एक टीम भी खरीदी हुई है. वहीं धोनी भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल भी है. साल 2011 में उन्हें यह उपाधि दी गई थी. वह बचपन से ही भारतीय सेना का हिस्सा बनना चाहते थे.

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