Mukesh Kumar हुए भावुक, बोले- अगर पापा जिंदा होते तो सबसे ज्यादा खुश होते

Mukesh Kumar

Mukesh Kumar हुए भावुक, बोले- अगर पापा जिंदा होते तो सबसे ज्यादा खुश होते

बिहार के गोपालगंज के रहने वाले मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) ने अपने मेहनत के बलबूते पर भारतीय टीम में अपनी जगह बना ली है जिसके बाद लगातार उन्हें लेकर चर्चा चल रही है. सभी लोग तो इनकी खबरों पर खूब रिएक्शन देते नजर आ रहे हैं लेकिन इस खिलाड़ी ने टीम इंडिया में चुने जाने पर खुशी जाहिर करते हुए एक बहुत बड़ी बात कह दी जो अपने पिता को याद करके भावुक हो गए. आपको बता दें कि हर खिलाड़ी के जीवन का वो पल काफी अहम और भावुक करने वाला होता है जब उसके सामने उसके सपने सच होते हैं क्योंकि इसकी अहमियत सिर्फ वही समझ सकता है जिसने इसके पीछे सालो मेहनत की हो.

बस पिता का चेहरा था आंखों के सामने

टीम इंडिया में चुने जाने को लेकर मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) ने बताया कि जैसे ही उन्हें पता चला कि उनका चयन टीम इंडिया के लिए हुआ है तो वह पूरी तरह से भावुक हो गए. उन्होंने कहा कि सब कुछ धुंधला- धुंधला था और मुझे केवल अपने स्वर्गवासी पिता का चेहरा याद था.

मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) बताते हैं कि मैंने बंगाल के लिए जब तक रणजी ट्रॉफी नहीं खेली थी तब तक मेरे पिता को यकीन नहीं था कि मैं क्रिकेट में कुछ कर पाऊंगा या नहीं लेकिन आज जब मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) अपने देश के लिए खेलेंगे तो उनके पिता इस ऐतिहासिक पल को देखने के लिए मौजूद नहीं होंगे लेकिन उनका मानना है कि उनके पिता जहां से भी उन्हें देखेंगे वह काफी खुश होंगे.

बतौर तेज गेंदबाज हुए शामिल

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 6 अक्टूबर से होने जा रही है जिसके लिए मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) को बतौर तेज गेंदबाज टीम में शामिल किया गया है. वही ईरानी ट्रॉफी में मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) रेस्ट ऑफ इंडिया की तरफ से खेल रहे हैं और टूर्नामेंट के पहले ही दिन उन्होंने चार विकेट लेकर एक बार फिर हर किसी का ध्यान खींचा है.

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रणजी ट्रॉफी से पहले पिता को खोया

मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) के पिता ऑटो चला कर अपने परिवार का पालन पोषण किया करते थे जिन्होंने खुद बताया है कि उन्होंने अपने पिता को ब्रेन स्ट्रोक के चलते रणजी ट्रॉफी के फाइनल से पहले खो दिया. जब पिता की हालत नाजुक थी तो वह दिन में प्रैक्टिस करते थे और रात के समय पिता के पास रहते थे जहां अपने परिवार की किस्मत बदलने वाले मुकेश कुमार (Mukesh Kumar) ने जिस तरफ कदम बढ़ाया है उस ओर उन्हें ढेरों सफलताएं और अपार उम्मीदें मिलेंगी. 28 वर्षीय खिलाड़ी का चयन सबसे पहले न्यूजीलैंड ए के खिलाफ इंडिया की टीम ए में हुआ था जहां शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें यह मौका मिला.

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