IND vs SA सीरीज के बीच ICC ने लागू किए नए नियम, सख्ती से से करना होगा पालन

IND vs SA

IND vs SA सीरीज के बीच ICC ने लागू किए नए नियम, सख्ती से से करना होगा पालन

भारत और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच तीन मैचों की टी-20 सीरीज का पहला मुकाबला खत्म होने के बाद आईसीसी (ICC) द्वारा बनाए गए नए नियम की चर्चा जोरों शोरों से चल रही है जो अब दूसरे और तीसरे टी20 मुकाबले से लागू होगा. दरअसल इस सीरीज के बीच में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कई नियम बदले गए हैं जो एक अक्टूबर 2022 से लागू हो जाएगा. अब सख्ती से खिलाड़ियों को इन नियम का पालन करना होगा जहां आईसीसी ने आठ बड़े नियम का ऐलान किया है.

बल्लेबाजों को जल्दी आना होगा क्रीज पर

भारत और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) के बीच चल रही सीरीज में आईसीसी (ICC) एक नया नियम लेकर आई है जिसके तहत यदि कोई बल्लेबाज आउट हो जाता है, भले ही स्ट्राइकर और नॉन स्ट्राइकर एक दूसरे को पार कर गए हो तो नया बल्लेबाज स्ट्राइक पर होगा. पहले यदि बल्लेबाज कैच लेने से पहले क्रॉस करता था तो नॉन स्ट्राइकर अगली गेंद पर प्रहार करता था जबकि नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइकर छोर पर चला जाता था.

इसके अलावा आईसीसी ने बताया है कि टी-20 में एक नए बल्लेबाज के स्ट्राईकर या नॉन स्ट्राइक पर आने की समय सीमा 90 सेकंड है. इससे पहले टेस्ट और वनडे में नए बल्लेबाजों को 3 मिनट का समय दिया गया था. यदि कोई बल्लेबाज इस अवधि से लेट होता है तो विपक्षी कप्तान टाइम आउट के लिए अपील कर सकता है.

यह भी पढ़ें- Mohammed Shami की क्या गलती है, कोहली से बॉलिंग करा लो, सिराज की एंट्री पर भड़के फैंस

अब मांकडिंग मतलब रन आउट

आईसीसी (ICC) के नए नियम के तहत माकडिंगग को रन आउट की सूची में रखा गया है जो पूरी तरह से मान्य होगा. इससे पहले इसे अनुचित खेल के रूप में देखा जाता था लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगर बॉलर गेंदबाजी करते समय कोई भी अनुचित और जानबूझकर के कोई कार्य करता है तो उस गेंद को डेड बॉल करार दिया जाएगा और बल्लेबाजी टीम को पांच पेनल्टी रन दिए जा सकते हैं. जहां भारत और साउथ अफ्रीका (IND vs SA) को अगले मुकाबले में इन बातों का सख्ती से ध्यान रखना होगा.

यह भी पढ़ें- 3 साल में 3 बार चोटिल हो चुके हैं Jasprit Bumrah, भारत को कई बार दे चुके हैं दर्द

लार का इस्तेमाल नहीं

आईसीसी के नए नियम के तहत गेंद पर लाल लगाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. दरअसल कोरोना को ध्यान में रखते हुए बीते कुछ समय इसपर प्रतिबंध था लेकिन अब इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है जहां गेंदबाज अपने पसीने का इस्तेमाल गेंद को चमकाने के लिए कर सकते हैं. इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अगर बल्लेबाज कोई बॉल खेलता है तो उसका बल्ला या फिर वह खुद पिच के भीतर रहना चाहिए. अगर वह इससे आगे निकल जाता है तो अंपायर कॉल करेगा और उसे डेड बॉल करार दिया जाएगा. कोई भी गेम जो बल्लेबाज को पिच छोड़ने के लिए मजबूर करेगी उसे भी नो बॉल करार दिया जाएगा.

यह भी पढ़ें- Team India का ये बड़ा दुश्मन हुआ कोरोना पॉजिटिव, टी-20 वर्ल्ड कप से हुआ बाहर