Sanju Samson का करियर क्यों किया जा रहा है तबाह, किस जन्म का लिया जा रहा है बदला?

Sanju Samson

Sanju Samson का करियर क्यों किया जा रहा है तबाह, किस जन्म का लिया जा रहा है बदला?

संजू सैमसन (Sanju Samson) को न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे से बाहर कर दिया गया। संजू ने पहले वनडे में 4 चौकों की मदद से 36 रन बनाए थे और अच्छी लय में नजर आए थे। यह तब था जब अक्सर टॉप ऑर्डर में बैटिंग करने वाले संजू को उस दिन छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा गया था। अब आपको लग रहा होगा कि संजू से बेहतर विकल्प टीम के पास मौजूद हैं, इसलिए उन्हें बाहर किया गया।

तो जरा ठहरिए। पहले वनडे में ऋषभ पंत चौथे नंबर पर खेलते हुए 23 गेंदों पर 15 रन बनाकर चलते बने थे। अब यह भी जान लीजिए कि साल 2022 में टीम इंडिया की तरफ से वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक 14 छक्के संजू सैमसन (Sanju Samson) के बल्ले से आए हैं।

सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टीम में नहीं है फिर भी Sanju Samson टीम से बहार

जिन बल्लेबाजों ने भारत के लिए कम से कम 10 वनडे पारियां खेली हैं, उनमें संजू सैमसन (Sanju Samson) ने सबसे ज्यादा 66 की एवरेज से रन बनाए हैं। उनके बाद 62.8 की एवरेज रखने वाले शुभमन गिल का नंबर आता है। समझ नहीं आ रहा कि आखिर चल क्या रहा है?

अभी जब रोहित, राहुल, विराट और हार्दिक जैसे खिलाड़ी टीम के साथ नहीं हैं, तब भी संजू को प्लेइंग 11 में जगह नहीं मिल रही। एक बार जब ये खिलाड़ी वापस आ जाएंगे, तब तो किसी भी सूरत में संजू को टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी दावेदारी पेश करने का मौका नहीं दिया जाएगा।

संजू से मैनेजमेंट को क्यों है दिक्कत?

अब तो सीधा सवाल यह है कि संजू सैमसन (Sanju Samson) से इंडियन टीम मैनेजमेंट कौन से जन्म की दुश्मनी निकाल रहा है? न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मुकाबलों की T-20 सीरीज में उसे चुना गया लेकिन एक भी मुकाबला खेलने का मौका नहीं दिया गया। उस वक्त कप्तान हार्दिक पंड्या ने कहा कि जिस भी खिलाड़ी को मौका मिलेगा, भरपूर मिलेगा। लगा कि कम से कम न्यूजीलैंड के खिलाफ तीनों वनडे में संजू को जरूर खेलने दिया जाएगा। पर एक ही मुकाबले के बाद उन्हें टीम से बाहर करना शर्मनाक है। किसी होनहार खिलाड़ी की प्रतिभा पर बहुत बड़ा आघात है।

पंत की वजह से मुश्किल में आ सकते है संजू

अगर बीसीसीआई हर हाल में यही चाहता है कि पंत को वनडे वर्ल्ड कप में बतौर विकेटकीपर ले जाया जाए तो फिर संजू सैमसन (Sanju Samson) के लिए परिस्थितियां मुश्किल होंगी। उन्हें इसी तरह बीच में कभी 1-2 मैच खेलने का अवसर दिया जाएगा और फिर दूध में पड़ी मक्खी की तरह बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

संजू ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट की 108 पारियों में 3014 रन बनाए हैं। 212* रन सर्वश्रेष्ठ स्कोर तौर पर उनके बल्ले से आए हैं। महेंद्र सिंह धोनी के रहते ही संजू ने अपनी प्रतिभा का नमूना दिखा दिया था। पर इस खिलाड़ी को कभी लगातार भारत के लिए खेलने का अवसर नहीं मिला। क्या यह जातिवाद और खेमेबाजी का नतीजा है?

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Writing Credit- Lekhanbaji