‘हाय मै Sourav Ganguly भूले तो नहीं’, ब्लैकमेल कर किए गए इस ऐड शूट नें बदल दी दादा की तकदीर

Sourav Ganguly

'हाय मै Sourav Ganguly भूले तो नहीं', ब्लैकमेल कर किए गए इस ऐड शूट नें बदल दी दादा की तकदीर

सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) भारतीय क्रिकेट का एक ऐसा हिस्सा है जो पहले अपने खेल की वजह से और अब अपनी रणनीति की वजह से चर्चा में छाए रहते हैं. इतना ही नहीं इस खिलाड़ी को भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे सफल कप्तान के तौर पर भी देखा जाता है जहां इस खिलाड़ी के जीवन में एक ऐसा वक्त आया जब इन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था और उस वक्त एक ऐड ने इनकी पूरी जीवन को बदल दिया.

इस ऐड के बाद आ गया था भूचाल

दरअसल किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) द्वारा कही गई एक लाइन एक जंग का रुख मोड़ देगी लेकिन इस ऐड में सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की तकदीर, करियर और पूरी जिंदगी को बदल कर रख दिया. जब साल 2006 में सौरव गांगुली की कप्तानी छीन गई थी और उन्हें टीम से निकाल दिया गया था तो एक-एक करके उनके बोर्ड में बैठे सारे समर्थकों के मुंह बंद करवा दिए गए यहां तक कि जब उनके एक टीममेट ने दादा को सपोर्ट करने की कोशिश की तो उस खिलाड़ी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया गया. इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उस वक्त माहौल क्या था.

लगभग खत्म हो चुका था करियर

सबसे चौंकाने वाली बात तो यह है कि सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के साथ यह सारी हरकत उस वक्त के कोच के कहने पर हुआ था. जिसे खुद सौरव गांगुली ने सेलेक्ट किया था. जो कोई और नहीं ग्रैग चैपल थे. जिस इंसान पर दादा को सबसे ज्यादा भरोसा था, उसी इंसान ने उन्हें सबसे ज्यादा तोड़ा. उस वक्त हर किसी को एहसास हो चुका था कि, सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) अब कभी भी दोबारा टीम इंडिया में वापसी नहीं करेंगे. सेलेक्टर ने भी साफ कह दिया था कि जब तक हम यहां बैठे हैं तब तक सौरव गांगुली कभी भी टीम में वापस नहीं लौटेंगे. लेकिन किसे पता था वक्त इस तरह बदलेगा.

Sourav Ganguly थे आखिरी विकल्प

सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) ने लगभग यह मान लिया था कि अब उनके पास कोई और विकल्प नहीं है तभी उन्हें पेप्सी इंडिया का ऐड करने के लिए सीईओ का कॉल आया. यह वो सीईओ थे जो खुद अपनी नौकरी से बर्खास्त होने की कगार पर थे. उस वक्त पेप्सी ने हीं इंडियन क्रिकेटर के दम पर भारतीय मार्केट को लगभग कैप्चर कर लिया था और उस वक्त अब इसका चेहरा सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) हुआ करते थे.

लेकिन जब दादा पर तलवार लटकी तब भी पेप्सी ने मार्केट पर अपना जोर कायम रखा और राहुल द्रविड़ को लेकर ऐड बना डाला तो जो काफी हिट हुआ था लेकिन पेस्टिसाइड मामले के सामने आने के बाद लोगों का भरोसा इस कंपनी से उठ गया जिसके बाद दोबारा इस कंपनी ने लोगों का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की तब सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) पर आखरी दांव खेला गया.

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दादा को ऐसी किया ब्लैकमेल

एक तरफ सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) के लिए टीम इंडिया में वापसी करने के सारे दरवाजे बंद हो चुके थे. वहीं पेप्सी को भी भारत में सर्वाइव करना मुश्किल हो रहा था. तब उनके पास दादा हीं आखरी विकल्प थे. पेप्सी के सीईओ ने दादा से एक इमोशनल ऐड शूट करने के लिए बोला तो उन्होंने मना कर दिया. कम्पनी को उम्मीद थी की इस ऐड की मदद से कहीं उनका कुछ फायदा हो जाए. लेकिन दादा ने कहा मै नहीं करूंगा ये नौटंकी. अब पेप्सी कम्पनी के पास एक हीं विकल्प था. जिसके बाद उन्होंने दादा को ब्लैकमेल करते हुए एक लीगल नोटिस भेजा जिसमें दादा ने 2007 तक पेप्सी के ऐड करने का कांट्रेक्ट साइन किया था.

जिसके बाद में जब इस ऐड को शूट किया गया तो इसके वायरल होते ही सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की कहानी लोगों- लोगों तक पहुंच गई और हवाओं ने अपना रुख मोड़ दिया और हर भारतीय के दिल में उनके लिए सहानुभूति जाग उठी जिसके बाद आखिरकार उन सिलेक्टर को दोबारा सौरव गांगुली (Saurav Ganguli) को बुलाना पड़ा जिन्होंने उन्हें बाहर रखने की कसम खाई थी जिसके बाद अफ्रीका के साथ हुए टेस्ट सीरीज में दादा को मौका मिला.

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