कब खत्म होगी Team India को धोनी-युवराज जैसे खिलाड़ियों की तलाश?

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कब खत्म होगी Team India को धोनी-युवराज जैसे खिलाड़ियों की तलाश?

भले ही आज टीम इंडिया (Team India) में एक से एक धुरंधर खिलाड़ी हों लेकिन महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह के आगे यह सारे धुरंधर फेल है. क्योंकि अगर ऐसा नही है तो आज टीम इंडिया एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बुरी तरह बाहर नहीं होती. लेकिन यह टीम के खराब रणनीति के कारण हुआ जिसका भुगतान हर किसी को करना पड़ता है.

एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद लगातार महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह की चर्चा तेज हो चुकी है जिन्होंने टीम इंडिया (Team India) के लिए खेलते हुए कई उपलब्धियां हासिल की थी जिसे आज गिनते- गिनते लोग थक जाएंगे. यही वजह है कि इन दो खिलाड़ियों जैसे धुरंधर की तलाश अभी भी जारी है.

अभी भी Team India की जारी है तलाश

13 फरवरी साल 2006 का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में काफी अहम माना जाता है जिस दिन महेंद्र सिंह धोनी और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों का उदय होता है. दरअसल भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मुकाबले में इन दोनों खिलाड़ियों ने 102 रन की साझेदारी करते हुए टीम इंडिया को यह मुकाबला जीताया था जहां धोनी ने 72 रन और युवराज सिंह ने 79 रन की पारी खेली थी जहां इन दोनों खिलाड़ियों के संन्यास लेने के बाद से लेकर आज तक महेंद्र सिंह धोनी जैसे फिनिशिंग और युवराज सिंह जैसे ऑलराउंडर की तलाश अभी भी जारी है.

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एक मैच फिनिशर तो एक ऑलराउंडर

टीम इंडिया (Team India) के लिए जब युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करते थे तो इन दोनों खिलाड़ियों की पावर हिटिंग बल्लेबाजी की पूरी दुनिया कायल थी. साल 2007 में जब पहली बार टी-20 वर्ल्ड कप खेला गया तब युवराज सिंह ने इंग्लैंड के खिलाफ छह गेंद पर छह छक्के लगा दिए और इसी मुकाबले के आखरी ओवर में महेंद्र सिंह धोनी ने मैच फिनिशर की भूमिका निभाते हुए अपने बल्ले से कोहराम मचाया था.

यह तो बस शुरुआत थी इसके बाद तो जैसे महेंद्र सिंह धोनी के नाम के साथ मैच फिनिशर हमेशा के लिए जुड़ गया तभी तो कम गेंद में अगर ज्यादा रन की जरूरत होती थी और जब तक धोनी आउट नहीं होते थे तब तक भारतीय फैंस का विश्वास बिल्कुल भी नहीं डगमगाता था. लेकिन आज के समय में टीम इंडिया (Team India) के पास बहुत कम ही ऐसे बल्लेबाज हैं जो आखिरी ओवर में बिना प्रेसर के खेल कर मुकाबले को जीतने की ताकत रखते हैं.

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Team India के लिए सेट किया स्टैंडर्ड

महेंद्र सिंह धोनी की उपलब्धि इस तौर पर भी देखी जा सकती है, जब 28 साल बाद साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में वनडे वर्ल्ड कप जीताया था. इतना ही नहीं पहला टी-20 वर्ल्ड कप भी महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में ही भारत ने जीता था. आखरी बार भारत ने जो आईसीसी ट्रॉफी जीती है उसके कप्तान भी महेंद्र सिंह धोनी ही थे जो केवल कप्तानी ही नहीं बल्कि शानदार बल्लेबाजी और विकेट कीपिंग से भी पूरी दुनिया को अपना दीवाना बना चुके हैं.

वहीं अगर युवराज सिंह की बात की जाए तो यह खिलाड़ी केवल बल्लेबाजी के कारण टीम इंडिया (Team India) का हिस्सा नहीं होते बल्कि युवराज सिंह बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी और फील्डिंग में भी कमाल करते थे. इस खिलाड़ी के नाम वनडे में 111 विकेट है जहां इंटरनेशनल टी20 क्रिकेट में इस खिलाड़ी ने 28 विकेट अपने नाम किए.

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